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Saturday, 23 August 2014

                            पाँव फिसला
मोटा राजा सैर को निकला
बीच सड़क में पाँव फिसला
ताज उछल कर दूर गिरा
दाँत टूट कर पास गिरा
चारों ओर मचा तब शोर
सेवक भागे राजा की ओर
रानी भी दौड़ी-दौड़ी आई
देख राजा को वह घबराई
बहुत ज़ोर से फिर चिल्लाई
“किसने थी यह सड़क बनाई
जल्दी उसे पकड़ कर लाओ
मिलकर उसको सबक़ सिखाओ”
सेवक भागे दे राजा को धक्का
रानी का था बस चलता सिक्का.


© आई बी अरोड़ा

Wednesday, 25 June 2014

मेंढकी का ज़ुकाम

मेंढकी को जब लगा ज़ुकाम
         खूब घबराया मेंढक राम          
               
               भागा भागा मेंढक आया                
आकर मेंढकी का सिर सहलाया

मेंढकी ग़ुस्से से चिल्लाई
सिर तुम मेरा छोड़ो भाई

दौड़े दौड़े जल्दी जाओ
कोई वैध हकीम लेकर आओ

मेंढक झटपट दौड़ा भागा
देखा न कोई पीछा आगा
                            
इसको पूछा उसको पूछा 
                           जिसको देखा उसको पूछा                            

फिर ले आया वैध इक ऐसा
जिसकी पूँछ थी छोटे कान

वैध देख मेंढकी चिल्लाई
वैध की सूरत उसे न भायी

मेंढकी ने किया होहल्ला
भागा वैध उठा पुच्छला
       © आई बी अरोड़ा