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Friday, 12 February 2016

हाथी की दुकान
इक हाथी ने खोली दुकान
करने लगा वह भी कुछ काम
माल बहुत सा ले आया
सब को फिर संदेशा भिजवाया
“सामान सभी है मेरा अच्छा
सबसे बढ़िया सबसे सस्ता
झटपट न ले जाओगे
तो घाटे में रह जाओगे”
 पर कोई न आया लेने सामान
बैठे-बैठे बस हो गयी शाम
हाथी बहुत ही झुंझलाया
सब पर वह चीखा चिल्लाया
हल्ला सुन सिंह दौड़ा आया
हाथी पर उस को गुस्सा आया
सिंह ने खींचे हाथी के कान
बंद हो गई हाथी की दुकान.
© आइ बी अरोड़ा